बुधवार, 22 नवंबर 2017

भेद का आधार

गुरू ने उपदेश में चतुर्वर्ण के विषय में जो कुछ भी व्यक्त किया है उसका सम्बंध व्यक्ति के जन्म के वंश से सम्बंध नहीं है । गुरू ने प्रकृति के गुणों का प्रभाव ज्ञान पर, कर्म पर और कर्ता पर भी बताया । चतुर्वण का विभाजन कर्म पर आधारित और कर्म की गुणवत्ता का आँकलन कर्ता व्यक्ति के स्वभाव पर प्रकृति के गुणों के वर्चस्व पर आधारित बताया है । 

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