शनिवार, 4 नवंबर 2017

सात्विक कर्ता

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो कर्ता आसक्ति से रहित रहता है, जो अहंकारपूर्ण आचरण नहीं करता है, जो उत्साहित कृतसंकल्प दशा में सफलता तथा असफलता से अविचलित रहता है उसे सात्विक कर्ता कहा जाता है । 

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