बुधवार, 15 नवंबर 2017

सुख से आननद पर्यंत

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले हे भरतॉ में श्रेष्ठ, अब तू मुझसे तीन प्रकार के सुख के विषय में सुन । जिस सुख से मनुष्य दीर्घ अभ्यास के द्वारा आनंद का अनुभव करता है |  

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