सोमवार, 6 नवंबर 2017

तामसिक कर्ता

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति असंतुलित, असन्स्कृत, हठी, धोखेबाज़, द्वेषी, आलसी, दु:खी मनोभावो से आच्छादित और काम को टालने वाला होता है, वह तामसिक कर्ता कहलाता है । 

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