सुख की कामना
प्रत्येक व्यक्ति में होती है । परंतु प्रत्येक व्यक्ति को किसी एक नियत वस्तु, स्थान, माध्यम अथवा कर्म
से सुख नहीं मिलता है । व्यक्ति की प्रकृति के अनुसार स्वभाव के अनुसार सुख का
माध्यम भिन्न होता है । पुन: सुख कितने समय तक उस व्यक्ति को सुखी रख सकेगा यह
निर्भर करता है सुख की प्रकृति पर ।
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