भगवद्गीता
रविवार, 26 नवंबर 2017
वैश्य और शुद्र के कार्य
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि कृषि
,
पशुपालन और व्यापार ये वैश्य के स्वाभाविक कर्तव्य हैं । सुद्र का स्वभाविक कर्तव्य सेवा का कार्य करना है ।
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