इस
रूपों के संसार के लिये बहु संख्यक आत्माधारी एक रचनागत सत्य हैं । प्रत्येक रूप
का उदय शून्य से अस्तित्व स्वरूप पर्यंत हुआ है । असत् से सत् पर्यन्त । सभी रूपों
का आधार ब्रम्ह है जबकि ब्रम्ह कोई रूप नहीं होता है । ब्रम्ह से समय की उत्पत्ति
हुई है और समय का विलय ब्रम्ह में होता है । इस आधार पर प्रत्येक आत्मा अनादि काल
से है और अनंत काल पर्यंत रहेगी ।
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