अर्जुन को यह ज्ञात नहीं था कि स्वयं उसकी रचना का क्या विज्ञान है, उसके सम्मुख खडे शत्रुओं के साथ
उसके सम्बंध का क्या रहस्य है, इस विश्व की रचना का क्या विज्ञान है एवँ इसकी उत्पत्ति का निमित्त क्या है ।
इन समस्त का ज्ञान ना होना ही उसकी मानसिक पीडा एवँ त्रासदा के कारण थे ।
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