अर्जुन श्रीकृष्ण से कहता है कि इस युद्ध में मैं अपने ही स्वजनों को, सगे सम्बंधियों को मारेंगे उनकी
हत्या करेंगे परिणामत: उनके परिवारगण पीडित होंगे उनकी स्त्रियाँ विधवा होंगी ।
ऐसे नर संहार द्वारा जो राज्य मुझे मिलेगा उससे मुझे क्या सुख मिलेगा । परम् सत्य
को पाने के लिये जब प्रकृतीय मोंह का त्याग करने की स्थिति आती है तो ऐसा अनुभव हर
प्रत्येक व्यक्ति को आता है ।
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