गुरु
योगेश्वर श्रीकृष्ण बोले हे अर्जुन जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु निश्चित है और
जिसकी मृत्यु हुई है उसका जन्म निश्चित है । व्याख्याकार कहता है कि जीवन अवधि
थोडी है और मृत्यु निश्चित है । हमें विवेक के प्रयोग द्वारा सही कर्म करने के
लिये पीडा भी सहकर करने की भावना होनी चाहिये । मृत्यु निश्चित है के भाव को ग्रहण
करने पर अनश्वर आत्मा का अहसास ग्रहण करने का अवसर होता है । यदि समय के साथ हम
आत्मा का अहसास इस जीवन के रहते कर सकें तो यह इस संसार की उच्चतम उपलब्धि होगी ।
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