भगवद्गीता
सोमवार, 16 मार्च 2015
साँख्य और योग
भागवद्गीता में जैसा कि वर्णित है साँख्य तथा योग दोनो का ही लक्ष्य एक ही है । नियंत्रित मस्तिष्क । एक ही लक्ष्य को पाने के लिये मात्र दोनो के पथ भिन्न हैं ।
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