गुरुवार, 19 मार्च 2015

आत्मज्ञान में बाधक

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि प्रकृति के गुणों के प्रभाव से जो मनुष्य सम्पत्ति और शक्ति को अर्जित करने में पुन: उसकी रक्षा करने में रुचि रखता है और अपने को समर्पित करता है वह आत्मज्ञान और उचित विवेक को अर्जित करने में समर्थ नहीं हो पाता है । 

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