भगवद्गीता
मंगलवार, 24 मार्च 2015
मोक्ष
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि जिस मनुष्य का विवेक परम् सत्य को समर्पित हो जाता है वह कर्म के फल से विरक्त हो जाता है परिणामत: उसके कर्म बंधनकारी नहीं रह जाते है । यहाँ तक कि वह जीवित रहते हुये भी मोक्ष की स्थिति का भोग करता है ।
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