शुक्रवार, 18 दिसंबर 2015

रूप विस्तार चरण 5

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि प्रकृति के तीनो गुण नामत: सत्व, रज़स, तमस का सृजनकर्ता मैं हूँ । मैं उनमें हूँ नहीं परंतु वह मुझसे ही हैं । 

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