भगवद्गीता
रविवार, 20 दिसंबर 2015
सत्य से अनभिज्ञ
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुनको बताये कि प्रकृति के इन्ही तीनों गुणों के द्वारा पूरा संसार मोंह में फँसा है और मुझे नही जान पाता है कि इन गुणों से परे अक्षर सत्य क्या है ।
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