भगवद्गीता
मंगलवार, 8 दिसंबर 2015
सर्वोच्च
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि हे अर्जुन इस संसार में मुझसे बडा कुछ भी नहीं है । यह पूरा संसार मुझ पर इस प्रकार लम्बित है जिस प्रकार माले के तागे पर मणियाँ गुँथी रहती हैं ।
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