भगवद्गीता
गुरुवार, 24 दिसंबर 2015
दुर्वृत्तियों में सम्मलित
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि दुर्वृत्तियों में सम्मलित व्यक्ति जो कि मानवता के मानको पर निम्न स्तर के हैं
,
जिनका मस्तिष्क मोंह और अज्ञान से आच्छादित है
,
जोकि दुरात्माओं के दुष्कृतों में सम्मलित होते हैं
,
वह मेरी शरण में नहीं आते हैं ।
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