मंगलवार, 29 दिसंबर 2015

सर्वाधिक प्रिय की व्याख्या

गुरू द्वारा बताये गये भक्तों के वर्गीकरण तथा उनमें सर्वश्रेष्ठ का निरूपण का आधार यह है कि कौन कितना माया के लोक के प्रति आसक्त है और कौन कितना ब्रम्ह के ज्ञान तथा उनकी मर्यादा के अनुरूप अपना जीवन यापन बनाने का जिज्ञासु है । जिन्हे ब्रम्ह का ज्ञान हो गया है वे व्यक्ति मोंह की आसक्ति से मुक्त हो गये हैं उनके लिये ब्रम्ह की सेवा ही सर्वोच्च धर्म है । ऐसे व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ हैं । 

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