मंगलवार, 22 दिसंबर 2015

कठिन माया

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि मेरी माया जो कि प्रकृति के तीन गुणों से युक्त होती है, को जीत पाना किसी भी व्यक्ति के लिये अति दुष्कर है । परंतु जो व्यक्ति मुझमें शरण ग्रहण करके प्रयत्न करता है वह ही इसे जीतने में सफल हो सकता है ।

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