गुरू बताये कि वह व्यक्ति जिन्हें दु:ख, दरिद्र, परेशानियाँ घेरे हुये हैं भगवान को
एक सहायता श्रोत के रूप में याद करते हैं । दूसरे वे लोग जिन्हे ढेर सा धन पाने की
कामना होती है वे भगवान को एक दानी श्रोत के रूप में याद करते हैं । तीसरे वह लोग
जिन्हे ज्ञान पाने की कामना है वे लोग भगवान की कृपा के लिये उनकी पूजा करते हैं ।
चौथे वह लोग जिन्हे ज्ञान प्राप्त है वे भगवान की सेवा को सर्वोच्च कर्म के रूप
में करते हैं ।
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