भगवद्गीता
बुधवार, 2 दिसंबर 2015
परा एवं अपरा प्रकृति
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि मैंने आपको जो आठ वर्ग के विभाजन वाली प्रकृति बतायी वह मेरी निम्न वर्गीय प्रकृति है और अब मैं तुम्हे अपनी उच्च वर्गीय प्रकृति आत्मा को बताता हूँ जो इस रूप संसार का आधार है ।
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