गुरुवार, 3 दिसंबर 2015

रूप संसार

अविभाज्य परम् ब्रम्ह एक मात्र सत्य है । यह अखण्ड सत्य समस्त रूप संसार के रूपों में आत्मा नामक अपनी उच्चतर प्रकृति द्वारा विभाजित प्रतीत होता है । अखण्ड ब्रम्ह एक सत्य है । यह रूप संसार उसकी अभिव्यक्ति है । अभिव्यक्ति निम्नतर सत्य है परंतु भ्रम नहीं है । 

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