यह स्वयं प्रकाश श्रोत नहीं है ।
परंतु इसका विदित स्वरूप प्रकाश श्रोत के रूप में ही है । प्रकाश का सामान्य ताप
इसमें नहीं है बल्कि शीतलता का प्रतीक है । ब्रम्ह के अद्भुद विज्ञान का गणमान्य
उदाहरण है । ब्रम्ह के अद्वितीय स्वरूप को विशिष्टता से प्रगट करने वाला है ।
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