देव शब्द में निहित भाव होता है -
स्वर्ग के तुल्य - कोई आदर्णीय वैभव जिसे असाधारण माना
जाय । हिंदू धर्ममें इसी शब्द के द्वारा किसी भी रूप को पूजा जाता है । बौद्ध धर्म
में भी इस शब्द को उपरोक्त निष्ठा द्वारा ही मान्यता दी जाती है । यह शब्द संस्कृत
और पाली लिपि से है ।
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