गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

मरिसि

सप्तऋषियों के मण्डल को मरिसि बताया गया है । इन ऋषियों को प्रकृति के विभिन्न ऊर्जा श्रोतों का नियंत्रक बताया गया है । इस रूप संसार के सृजन काल में ब्रम्ह ने इन ऋषियों को रूप दिया था और इन्हे रूप संसार की रचना में अपने सहायक के रूप में प्रयोग किया था । पित्त और अग्नि के मध्य सम्बंध को भी इसी शब्द द्वारा व्यक्त किया जाता है । 

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