मनुष्य शरीर की रचना मे प्रयुक्त
ब्रम्ह की निम्नतर प्रकृति के आठ घटको में से यह छठा है । यह इंद्रियों के संचालन
और नियंत्रण दोनों का ही केंद्र होता है । यह विवेक के अधीन कार्य करता है । इसकी
क्रिया पद्धति धारणाओं पर आधारित होती है । उच्चतर प्रकृति की प्रतीक आत्मा इसी
मस्तिष्क के कार्य पद्धति के पथ से ही प्रकृतीय मोंह से ग्रसित होती है ।
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