भगवद्गीता
बुधवार, 19 अक्टूबर 2016
इंद्रियाँ
नसों का समूह जो कि किसी विशिष्ट ज्ञान चेतना को ग्रहण करने के लिये शरीरकी रचना में प्रयुक्त किया गया है । मनुष्य शरीर में पाँच विशिष्ट ज्ञान चेतना के ग्रहणकर्ता पथ उपलब्ध होते हैं जिन्हे नामत: दृष्टि
,
श्रवण
,
स्वाद
,
घ्राण तथा स्पर्ष कहा जाता है ।
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