भगवद्गीता
शनिवार, 29 अक्टूबर 2016
वसुओं
वेदों मे वसुओं को इंद्रके सहायक देवता के रूप में माना जाता है । इन्हे संख्या में आठ बताया गया है । ये प्रकृति के आठ वर्गों के स्वामी देवता होते हैं । इस रूप में इन्हे अष्टवसु कहा जाता है । इनके नाम वसु का अर्थ होता है “वसने वाले” अथवा “वासिंदे” ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें