भगवद्गीता
गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
समर्पण के फल
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि समर्पण के फल से व्यक्ति मेरे विस्तार को जान लेता है और मेरे सत्य को भी जान जाता है
,
और तब
,
वह मेरे स्वरूप को जानकर उसमें समाहित हो जाता है ।
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