भगवद्गीता
शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017
निष्पादन
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले हे कुन्ती पुत्र अब तुम मुझसे सुनो कि व्यक्ति पूर्णता की स्थिति प्राप्त् करके उस ब्रम्ह को कैसे पाता है जो कि ज्ञान का सर्वोच्च निष्पादन है ।
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