भगवद्गीता
बुधवार, 20 दिसंबर 2017
अहंकार पतनकरी
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि यदि आत्मा की अनुभूति में स्थिर होकर कार्य करोगे तो मेरी कृपा से सारे विघ्न पार सकोगे
,
परंतु कन्चिद अहंकार के अधीन कार्य करोगे तो विनष्ट हो जावोगे
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