भगवद्गीता
शनिवार, 16 दिसंबर 2017
अमर पद
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि व्यक्ति मेरी शरण की क्षाया में स्थित रहकर निरंतर सभी प्रकार के कर्मों को करता हुआ वह मेरी कृपा से शाश्वत् अमर पद को पाता है ।
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