भगवद्गीता
सोमवार, 25 दिसंबर 2017
सन्चालक
स्वभाव से बाध्य कर्म प्रेरणा का विज्ञान बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में वास करता है और वह उन्हे इस प्रकार घुमा रहा है कि मानो वे किसी यन्त्र पर चढे हुये हों ।
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