बुधवार, 2 सितंबर 2015

उपलब्धि : लक्षण 2

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जिस व्यक्ति की आत्मा ज्ञान (मौलिक ब्रम्ह स्वरूप) विज्ञान (ब्रम्ह और प्रकृति के मध्य भेद) सतत् धारण किये हुये रहती है और जिसे अपनी इंद्रियों पर पूर्ण नियंत्रण है ऐसे व्यक्ति के लिये एक मिट्टी के टुकडे, एक पत्थर के टुकडे और एक सोने के टुकडे में कोई अंतर नहीं होता है । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें