हिंदू धर्म दर्शन में ब्रम्हचर्य का पालन अनेको प्रसंगो में
अनिवार्य बताया गया है । इंद्र 101 वर्षों पर्यंत ब्रम्हचर्य का पालन करते हुये
तपस्या करके ब्रम्हाजी के पास आये तब ब्रम्हाजी ने इंद्र को सत्य के दर्शन कराये । ज्ञान
प्राप्ति के लिये इस ब्रम्हचर्य को महत्वपूर्ण बताते हुये इसे पालन करने को कहा
गया है । अन्य धर्मों में भी ज्ञान प्राप्ति के लिये ब्रम्हचर्य को पालन करने को
अनिवार्य बताया गया है ।
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