भगवद्गीता
मंगलवार, 29 सितंबर 2015
मस्तिष्क पर विजय
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि जिस व्यक्ति का अनुशासित और नियंत्रित मस्तिष्क कार्य करते हुये सतत् आत्मा के ध्यान में संलग्न रहता है उस व्यक्ति को योग में स्थापित कहा जाता है ।
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