विद्वान दार्शनिक एवं सत्यदर्शी प्लूटो का मत है कि हमें सत्य
के ज्ञान की आवश्यकता इसलिये है कि हम अपने मानसिक स्तर को इतना ऊँचा उठा सके कि
समस्त अच्छाई जानने की हममें क्षमता जागृत हो सके । इस सत्य के ज्ञान के लिये हमें
एकांत शांत स्थान पर शांत अंत:करण द्वारा उस सत्य को जानने के लिये एकाग्र
प्रयत्न करने की आवश्यकता होती है ।
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